
इक सूफ़ी, इक दुनिया-दारी
12 November 2024
इश्क़ की रीत को आजकल क्या नाम दिया है? हर दिल-ए-नादान ने इसे अपना पैग़ाम दिया है। हम तो हैं मस्तानी, कोई मजनूँ सा फ़क़ीर, हर साँस में उनका नाम लिए फिरती, ज़ख़्म दे कर भी वो हमारे ख़ुदा जैसा, इस दर्द की महफ़िल में भी ख़ुशी ही ढूँढती। …
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